संस्कारों का उद्देश्य

वैदिक एवं उत्तरवैदिक परम्पराओं में संस्कारों का संबंध जीवन के विभिन्न चरणों से रहा है।

इस पाठ में संस्कारों को ऐतिहासिक एवं शास्त्रीय संदर्भ में समझने का प्रयास किया जाएगा।

प्रमुख संस्कार

  • गर्भाधान
  • पुंसवन
  • सीमन्तोन्नयन
  • जातकर्म
  • नामकरण
  • निष्क्रमण
  • अन्नप्राशन
  • चूडाकर्म
  • कर्णवेध
  • उपनयन
  • वेदारम्भ
  • समावर्तन
  • विवाह
  • अन्त्येष्टि

नोट: विभिन्न गृह्यसूत्र एवं परम्पराओं में संस्कारों की संख्या, नाम और विधियों में अंतर मिल सकता है।