अब आगे क्या पढ़ें?
कल्पवेदाङ्ग का प्रारम्भिक परिचय प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी निम्न विषयों का क्रमशः अध्ययन कर सकता है:
1. श्रौतसूत्र
वैदिक यज्ञों एवं श्रौत कर्मों का विस्तृत अध्ययन।
2. गृह्यसूत्र
गृहस्थ जीवन एवं संस्कारों का अध्ययन।
3. धर्मसूत्र
आचार, कर्तव्य एवं सामाजिक चिंतन का अध्ययन।
4. शुल्बसूत्र
वैदिक वेदी-निर्माण, मापन एवं ज्यामितीय परम्परा का अध्ययन।