ऋग्वेद मन्त्र १.३५.२ : सविता देवता (सूर्य) की महिमा
आध्यात्मिक, पारंपरिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्राचीन वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का एक विचारोत्तेजक समन्वय ऋग्वेद के प्रथम मण्डल के पैंतीसवें सूक्त का द्वितीय मन्त्र सविता देवता के स्वरूप, गति, प्रकाश तथा समस्त भुवनों के साथ उनके संबंध का अत्यंत सुंदर वर्णन प्रस्तुत करता है। इस मन्त्र में सविता को ज्योतिर्मय रथ से गमन करने
ऋग्वेद मन्त्र १.३५.२ : सविता देवता (सूर्य) की महिमा Read More »



