ऋग्वेद 1.35.1 — उद् उत्यम् जातवेदसं | Daily Rigved
परिचय-गायत्री मन्त्र के देवता सविता हैं। इस सूक्त में सविता के साथ अग्नि, मित्र-वरुण और रात्रि का भी आह्वान किया गया है। आगे के मन्त्रों में सविता के स्वरूप, गति, प्रकाश और कर्म से सम्बन्धित विभिन्न पक्षों का विवेचन मिलता है। मन्त्र — ह्वया॑म्य॒ग्निं प्र॑थ॒मं स्व॒स्तये॒ ह्वया॑मि मि॒त्रावरु॑णावि॒हाव॑से ।ह्वया॑मि॒ रात्रीं॒ जग॑तो नि॒वेश॑नीं॒ ह्वया॑मि दे॒वं स॑वि॒तार॑मू॒तये॑ […]
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