🕉️ छन्द (Chhanda)
वैदिक मन्त्रों की छन्दात्मक संरचना का शास्त्र
छन्द वेदाङ्गों में वैदिक मन्त्रों के अक्षर-विन्यास, पद-विन्यास तथा छन्दात्मक संरचना के अध्ययन से संबंधित शास्त्र है।
वैदिक मन्त्रों के स्वरूप और पाठ-परम्परा को समझने में छन्द का महत्वपूर्ण स्थान है। मन्त्र के अक्षरों, पदों और उनकी व्यवस्थित संरचना का अध्ययन छन्द के माध्यम से किया जाता है।
📚 प्रमुख वैदिक छन्द
- गायत्री
- उष्णिक्
- अनुष्टुप्
- बृहती
- पङ्क्ति
- त्रिष्टुप्
- जगती
🎵 छन्द का महत्व
छन्द के अध्ययन से विद्यार्थी वैदिक मन्त्रों की संरचना, अक्षर-संख्या, पद-विन्यास तथा विभिन्न छन्दों की पहचान करना सीख सकता है।
यह अध्ययन मन्त्र-पाठ, वैदिक साहित्य और संस्कृत काव्य-परम्परा को समझने में भी सहायक है।
📚 छन्द के पाठ्यक्रम
नीचे वैदिक छन्द एवं मन्त्रों की छन्द संरचना से संबंधित हमारे सभी उपलब्ध पाठ्यक्रम देखें।
🌿 आगे का अध्ययन
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