संस्कृत सीखे। अष्टाध्यायी विधि से ६ माह मे
About Course
संस्कृत सीखें — अष्टाध्यायी विधि से ६ माह में
यह पाठ्यक्रम संस्कृत भाषा को सरल, क्रमबद्ध और व्यावहारिक पद्धति से सीखने के लिए तैयार किया गया है। इसका आधार “संस्कृत सीखने की सरलतम विधि” ग्रंथ है, जिसे युधिष्ठिर मीमांसक एवं ब्रह्मदत्त जिज्ञासु की शिक्षण-पद्धति से प्रेरणा लेकर प्रस्तुत किया गया है।
इस पाठ्यक्रम में संस्कृत को केवल रटने के बजाय व्याकरण के मूल सिद्धान्तों को समझते हुए पढ़ाया जाएगा। विशेष रूप से पाणिनीय अष्टाध्यायी की विधि, शब्दरूप, धातुरूप, विभक्ति, कारक, संधि, समास, प्रत्यय, उपसर्ग तथा वाक्य-रचना को क्रमशः समझाया जाएगा।
इस पाठ्यक्रम में आप सीखेंगे
- संस्कृत भाषा का मूल परिचय
- वर्ण, उच्चारण एवं शब्द-निर्माण
- संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण
- शब्दरूप एवं धातुरूप
- आठ विभक्तियाँ एवं छह कारक
- संधि एवं समास
- उपसर्ग एवं प्रत्यय
- लकार एवं क्रिया-रूप
- संस्कृत वाक्य निर्माण
- सरल संस्कृत पढ़ना, समझना और लिखना
- अष्टाध्यायी के आवश्यक व्याकरणिक सिद्धान्त
- अभ्यास एवं उदाहरणों के माध्यम से संस्कृत का प्रयोग
पाठ्यक्रम की विशेषता
यह ६ माह का क्रमबद्ध संस्कृत-अध्ययन कार्यक्रम है, जिसमें विद्यार्थी प्रतिदिन अध्ययन और अभ्यास के माध्यम से धीरे-धीरे संस्कृत व्याकरण की समझ विकसित करेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थी को केवल शब्दरूप याद करवाना नहीं, बल्कि संस्कृत को व्याकरणसम्मत ढंग से समझने, पढ़ने, लिखने और प्रयोग करने योग्य बनाना है।
पुस्तक-आधार: संस्कृत सीखने की सरलतम विधि — युधिष्ठिर मीमांसक एवं ब्रह्मदत्त जिज्ञासु।
पाठ्यक्रम: ६ माह | पद्धति: अष्टाध्यायी-आधारित क्रमबद्ध अध्ययन | स्तर: प्रारम्भिक से मध्यवर्ती
Course Content
📚 प्रथम चरण — संस्कृत व्याकरण की भूमिका एवं आधार
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पाठ 1: संस्कृत भाषा का सामान्य परिचय एवं राम शब्द रूप
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पाठ २ : संस्कृत व्याकरण — आख्यात (क्रिया) और १० लकार
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पाठ ३: अधिकार सूत्र और अनुवृत्ति
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📚 पाठ–४: संस्कृत व्याकरण — अष्टाध्यायी के सूत्रों के प्रकार
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📚 पाठ–५: वर्णों के उच्चारण स्थान और प्रयत्न
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पाठ ६ — सूत्रों के अर्थ करने का प्रकार
