गायत्री मन्त्र — प्रकृति एवं विकृति पाठ

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About Course

पाठ्यक्रम के बारे में

गायत्री मन्त्र — प्रकृति एवं विकृति पाठ एक विशेष वैदिक उच्चारण-अभ्यास पाठ्यक्रम है, जिसमें साधक को गायत्री मन्त्र का शुद्ध पाठ, वैदिक स्वर तथा प्रकृति एवं विकृति पाठ की पद्धति क्रमबद्ध रूप से सिखाई जाएगी।

इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य गायत्री मन्त्र के पाठ में शुद्ध उच्चारण, स्वर-संरक्षण, पद-विभाग तथा वैदिक पाठ-परम्परा की समझ विकसित करना है।

इस पाठ्यक्रम में आप सीखेंगे

  • गायत्री मन्त्र का शुद्ध पाठ

  • मन्त्र के प्रत्येक पद का सही उच्चारण

  • वैदिक स्वरों का परिचय

  • प्रकृति पाठ की विधि

  • विकृति पाठ की विधि

  • मन्त्र के पाठ में स्वर एवं मात्रा का अभ्यास

  • गुरु के निर्देशन में क्रमिक पाठ-अभ्यास

  • नियमित अभ्यास द्वारा शुद्ध एवं स्पष्ट वैदिक उच्चारण

किसके लिए उपयोगी है?

यह पाठ्यक्रम संस्कृत, वेद एवं वैदिक स्वाध्याय में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, साधकों तथा वैदिक मन्त्रों का शुद्ध पाठ सीखने के इच्छुक सभी लोगों के लिए उपयोगी है।

पूर्व ज्ञान: संस्कृत का सामान्य ज्ञान लाभदायक है, लेकिन अनिवार्य नहीं।

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Course Content

परिचय — गायत्री मन्त्र एवं वैदिक पाठ
इस पाठ में गायत्री मन्त्र का संक्षिप्त परिचय, उसका वैदिक स्वरूप तथा शुद्ध पाठ की आवश्यकता को समझाया जाएगा। विद्यार्थी प्रकृति एवं विकृति पाठ की मूल अवधारणा से परिचित होंगे और आगे के पाठों के लिए आवश्यक आधार तैयार करेंगे।

  • गायत्री मन्त्र — परिचय एवं शुद्ध पाठ
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प्रकृति पाठ — गायत्री मन्त्र
इस पाठ में गायत्री मन्त्र के प्रकृति पाठ की विधि, क्रम तथा शुद्ध उच्चारण का अभ्यास कराया जाएगा। विद्यार्थी आचार्य के साथ मन्त्र का क्रमबद्ध पाठ करेंगे।

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